Ayurvedic and Home Remedies for breast relatesd problem part 1/2



पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने इस विडियो में स्तन कैंसर में होने वाले उपाय के बारे में बताये हैं|
स्तन कैंसर व दूध कम उतरने में शीशम का प्रयोग – महिलाओं में स्तन कैंसर का होना एक बड़ी समस्या हैं| महिलाये स्तनों में कही गांठ महसूस करे या उनके स्तन कैंसर की प्रारंभिक अवस्था का पता चल जाये तो वे शीशम की पत्तियों को पीसकर प्रभावित स्तन पर लगाये | इसके लगातार प्रयोग से स्तन की गांठ पिघलनी शुरू हो जायेगी | यदि स्तनों में दर्द होता हैं| तो शीशम के पत्तों को गर्म करके उसपर गाय का घी या तेल लगाकर स्तन पर बांध ले ! इससे दर्द भी कम होगा और स्तन की सुजन भी कम हो जायेगी |
पशुओं में थनेला रोग होने पर शीशम की पत्तियों को पीसकर लुग्दी बनाकर संक्रमित थन पर लगायें | ध्यान रहे यह लुग्दी प्रतिदिन 7-8 घंटे पशु के थन पर लगी रहे| इससे जल्दी पशुओं का थनेला रोग ठीक हो जायेगा |
स्तनपान कराने वाली माताओं को यदि दूध कम होता हो या प्रसव के बाद स्तन ढीला पड़ गया हो तो दोनों ही स्थितियों में शीशम की पत्ती की लुग्दी बनाकर स्तनों पर लगाये | इससे पर्याप्त मात्रा में दूध भी आयेगा और वक्षस्थल की सुडौलता भी बनी रहेगी

source

Leave a comment

Your email address will not be published.